The Sublime Frangipani

by Varuna Mehta
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Product Description

About the book

Frangipani, a flower native to South America, is a coveted bloom in our country, too. My childhood memories are still redolent with the lingering aroma of the Frangipani, that grew in the portico of my paternal house. It came to mean a lot to me as all my life experiences, somehow got attached to its presence in my vicinity. The Frangipani flower continues to remind me of all that defines me as a person and all that I left behind, as I progressed through life.

 

Different cultures assign different meanings to this exotic flower. It signifies the strength to withstand challenges, intense love, passion and spiritual experiences spread over multiple lifetimes. It is used in various religious rituals from Hindu, Buddhist and Balinese cultures. It is a symbol of grace and irresistible charm. It represents perfection as it blossoms into five- petal shapes of white and vibrant shades of crimson, yellow and pink. I have tried to disperse the message of this divine flower in the pages of this book through rhymes of positivity and hope. Although terse and concise, these micropoems highlight the profundity of everyday life as comprehended by a receptive mind. I hope these verses resonate with the readers and inspire them to find value and meaning in their existence and life- journey.

– Varuna Mehta

About the author

Varuna Jolly Mehta is an established name in the field of writing and education and this book is an extension of her fluid creative expression. Her repertoire includes published titles and her writings feature regularly on the vastly popular webpage, The Anonymous Writer. She continually aspires to evolve through the various situations, that add on to her life experience. She hopes that the micropoems in this book, find resonance in the readers and they can appreciate the profundity of commonplace circumstances.

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Hope of a new kind

by Multiple

Hope of a new kind is a poetry collection of 27 writers, having the theme hope. The collection moves the readers towards a positive direction.

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Mann Ki Girah

by Ashu S Dadwal

आशु एस डडवाल की तालीम मास्टर ऑफ़ लाइब्रेरी साइंस है । इन्हें तस्वीरी शायरी का शौक़ है जो इन्हें दौर तालीम में हुआ । आशु किसी भी तस्वीर को नज़्म में ढाल सकती हैं, इस कि वजह से वह खोई हुई चीज़ों को ज़ाहिर और बेजान शक्लो को लफ़्ज़ों के जाल में उतारने से उन्हें बहुत सुकून मिलता है ,एक तरह से वह जज़्बों को लफ़्ज़ों में ढालती हैं। ये किताब आशु के अनगिनत एहसासों को लफ़्ज़ों में उतारने की एक छोटी सी कोशिश है। इस किताब में आशु के द्वारा लिखी गयीं कविताएं पाठक को एक अलग एहसास की अनुभूति कराती हैं, अथवा उन्हें आत्म चिंतन पर मजबूर करती हैं। ‘अपना घर’, ‘अजन्मी व्यथा’ जैसी उनकी अनेक कविताएं जो काफी अखबारों में चर्चित रही हैं, इस किताब का हिस्सा हैं।

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Introspections & Anxieties

by Ayushman Basu

About the book

This book is a result of sudden and overthought realisations. The topics range from societal incidents to personal relationships both elements which seem to intersect at certain points. It explores a range of emotions from grief, loneliness to homesickness which we often feel but don’t always express.

About the author

Hailing from the city of Kolkata, Ayushman Basu started writing relatively late as it took time for him to gather this thoughts for profound articulation. He strongly believes in the power of empathy as being the cornerstone for not only being able to write honestly but truly connect with people. For him, life is the greatest teacher with every phase being an important chapter from which one can learn immensely and be a better person. Connect with him on – Facebook: https://www.facebook.com/ayushman.basu Instagram: @ayushman.basu Email: ayushman.basu@gmail.com

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Qafila

by Paridhi Joshi

Paridhi Joshi is a 3D Animator by profession but a writer by heart. It took her one calm long night to realize her hidden potential when she couldn’t stop her pen from scribbling down her feelings in her notebook. Writing, since then, has been more than just a hobby to her. Qafila, being her debut novel holds a special importance in her life. A collection of 100 odd shayaris, Qafila holds the feelings of the people who are living far away from their home and how they feel about life, wrapped up in Paridhi’s words. It is a journey of how life revolves around when you move to a new city far from your loved ones, fighting your own battles just to survive.

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Meri Corona Kahani

by Shrunali Vadhwa

किताब के बारे में

कोरोना ने कई लोगो की ज़िंदगियां बदली लेकिन अब तक उसकी कहानियां या उसके होने से आपके अंदर और आस पास में क्या फर्क आ जाता है वह भी लोगो को नहीं पता चला है। इस किताब के जरिए में आशा करती हूं कि आप कोरोना से पीड़ित एक व्यक्ति या उसके परिवार की स्थिति को महसूस कर सकेंगे। दिल से जो महसूस किया वह इस किताब में शब्द बनाकर उतारा। कोरोना जब इस देश में आया तबसे जो मन में चल रहा था वह सब लिखा है। कुछ ही समय में यह बीमारी से डैडी त्रस्त हो गए और मैं अपनी बहनों के साथ वहीं थी। एक 17 लोगो के घर में 3 पॉजिटिव मामलों के साथ केसे जूझ रही थी उसकी भी थोड़ी झलक दिखाई देगी मेरी नज्मों और कविताओं में। 14 दिन बाद जब अपने ससुराल लौटकर खुदको क्वारांटिन किया और कोरोना का असर खुद में भी पाया उसके बारे में मैने लिखने की कोशिश की है इस किताब में। अकेले एक कमरे में १४ दिन केसे लगते है और उसके बाद ठीक होकर उसके डर से लड़कर उसका सामना केसे करना सीखा मैने उसे भी खूब अच्छे से बतलाया है। कोरोना से जुड़े हर ख्याल और जज्बात को मैने यहां लिखने की कोशिश की है।

लेखिका के बारे में

घजिया , इस लेखिका/ कवियत्री का नया जन्म है। मायके का नाम उसकी पहचान और गुरूर था जो शादी होते टूट गया। इस कवियत्री के मजहब में शादी के बाद एक लड़की का पूरा नाम बदलता है। नाम सिर्फ घर में पुकार ने के लिए बदला बल्कि सरकारी कागजों पर भी बदला। घाव गहरा लगा पर उसने उस नाम को स्वीकारा। उसके ज़हन में कबसे एक बात थी कि अगर वह अपने मायके और ससुराल के नामों से नहीं जानी जाए तो वो क्या हो? उसकी खुदकी पहचान किस नाम से हो? तब, उसने काफी सोचा और अपनी नई पहचान बनाने का ठाना और ‘ घजिया ‘ पर आकर उसका दिल थम गया। घजिया का मतलब है एक नारी जो योद्धा है। एक नारी होकर मैने इस समाज में खुद को बूहूत निचले स्थल पे पाया है। लेकिन, मैने खुद में काफी हिम्मत और ताकत पाई है इसलिए मैने वह नाम अपने लिए एकदम सही समझा। और, मेरा मान ना यह है कि हर नर में एक नारी होती है और हर नारी में एक नर। तो, हमारे अंदर यह जो नर और नारी की टकसाली बैठ चुकी है उसे निकाल के दोनों के अपने अपने स्थलों के हिसाब से हमे बर्ताव करना चाहिए।

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Yun hi kuch baatein

by Suyash Sharma

’यूँ ही कुछ बातें’ अपनी शीर्षक की तरह बिलकुल साफ़ है। बात सीधी है, बस कोई कहता नहीं। पर लेखक ने कहा है, कहा है उन बातों को जो हम अक्सर बैठे सोचते है, कहा है उन बातों को जो अक्सर हम पर गुज़रती है। बस उन्ही बातों को सौ से भी ज़्यादा रंगों में पेश करने की एक कोशिश है ये किताब।

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