The Guts of G.U.S.T.

by Sakina Ramgarh
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Product Description

Holding on to older-life lessons is of no use to Dev and Khushi who are all set to enter a whole new world out of their orphanage. The never ending turbulence turns their life upside down. Now will they seek answers or simply give in? And most importantly, what if the dark societal spell finally traps them? This book is a fun and fictional take on reforming societal norms and giving life its true value that we don’t even realize we have lost.

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Aatank ke rang- Kale ya hare

by Pushkar Vihari

बचपन से ही मुझे फिल्मों में काफी दिलचस्पी रही है। एक दिन यूंही एक फिल्म देखते देखते मेरे मन में ये ख्याल आ गया कि आखिर हर फिल्म में आतंकवादी का किरदार हमेशा मुसलमानों से ही क्यूं ताल्लुक रखता है। और फिर मैं निकल पड़ा अपने इस मन के ख्याल की खोज में। अपने इस सफ़र में मैं रूबरू हुआ इस्लामिक आतंकवाद से, शांति के संदेश देने वाले धर्म के आतंकवाद के ताल्लुकात से, लोगों के मन में घोले जा रहे ज़हर से, अपने फायदे के लिए दुनिया को मुसलमान और गैर मुसलमान में बांटने वाली मानसिकता से, आतंकवाद के खौफनाक चेहरे से और आतंकवाद के मुखौटे के पिछे छिपे उस मासुम चेहरे से भी। खैर, सच की तालाश में निकलना बेहद आसान है, उसके साथ साहस करके चंद कदम चलना भी आसान है। हां, मगर उसी सच की तह तक पहुंच कर उसे विश्व पटल पर उजागर करना बेहद ही मुश्किल है। और इस किताब के माध्यम से मेरा उद्देश्य भी यही है की सच को सच बताना। आतंकवाद के असल चेहरे से आपको रूबरू कराना। इश्वर ने हमें इंसान बना कर भेजा है सिपाही नहीं, आइए जिंदगी जीते हैं।

– पुष्कर विहारी

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